पांच पहर काम (कर्म) किया, तीन पहर सोए,
एको घड़ी न हरी भजे तो मुक्ति कहाँ से होए..!

शब्द-शब्द में ब्रम्हा हैं, शब्द-शब्द में सार,
शब्द सदा ऐसे कहो जिनसे उपजे प्यार..!! 

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