पांच पहर काम (कर्म) किया, तीन पहर सोए,एको घड़ी न हरी भजे तो मुक्ति कहाँ से होए..! शब्द-शब्द में ब्रम्हा हैं, शब्द-शब्द में सार,शब्द सदा ऐसे कहो जिनसे उपजे प्यार..!! 

खुश रहने का बस एक ही मंत्र है,“उम्मीद बस खुद से रखो” किसी और इंसान से नहीं !! प्रभु कहते है तू सोने से पहले सबको माफ़ कर,मैं उठने से पहले तुझे माफ़ कर दूँगा !!